Connect with us

उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण पर सख्त कानून, धर्मांतरण संशोधन विधेयक हुआ पास…

उत्तराखंड

उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण पर सख्त कानून, धर्मांतरण संशोधन विधेयक हुआ पास…

Uttarakhand News: उत्तराखंड में अब धर्मांतरण कानून सख्त हो गया है। कैबिनेट की बैठक में धर्मांतरण कानून में सख्त संशोधन के बाद अब उत्तराखंड के बहुप्रतीक्षित उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम 2022 को राज्यपाल की स्वीकृति मिल गई है। अब नए कानून में जबरन धर्मांतरण कराने पर 10 साल की सजा का प्रावधान है। जिससे माना जा रहा है कि धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों पर रोक लगेगी।

यह भी पढ़ें 👉  तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण में तेजी, डीएम ने किया निरीक्षण…

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उत्तराखंड में धर्मांतरण कानून उत्तर प्रदेश से भी ज्यादा सख्त कर दिया गया है। प्रदेश में जबरन धर्मांतरण को संज्ञेय अपराध में शामिल किया गया है। जिसके तहत अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड में दो या दो से अधिक लोगों के धर्म परिवर्तन को सामूहिक धर्म परिवर्तन समझा जाएगा और यह भी इस कानून के तहत आयेगा जिसे संगीन अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

यह भी पढ़ें 👉  मन की बात से राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलती है : धामी

गौरतलब है कि उत्तराखंड के धर्मांतरण विधेयक में अब तक 1 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान था। इसे बढ़ाकर 2 से 7 साल तक कर दिया गया है। सामूहिक धर्म परिवर्तन की स्थिति में इस सजा को बढ़ाकर 10 साल तक किया जा सकता है। वहीं सामूहिक धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध की श्रेणी में माना गया है। धर्म परिवर्तन के मामले में 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार तक का आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  चारधाम यात्रा को लेकर सरकार अलर्ट…

वहीं सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में यह आर्थिक दंड 50 हजार तक लगाया जा सकता है। धर्म परिवर्तन करने की स्थिति में पहले 7 दिन पूर्व जिला मजिस्ट्रेट की उद्घोषणा अनिवार्य थी तो वहीं अब इसे कम से कम 1 माह पूर्व कर दिया गया है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ट्रेंडिंग खबरें

To Top