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ऋषिकेश में बजरंग सेतु का इतना निर्माण हुआ पूरा, यहां बनेगा कांच का पुल…

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ऋषिकेश में बजरंग सेतु का इतना निर्माण हुआ पूरा, यहां बनेगा कांच का पुल…

उत्तराखंड में अब आपको कांच का पुल देखने को मिलेगा। आप इस करोड़ों की लागत से बनने जा रहे पुल पर चलने के रोमांच को महसूस कर सकेंगे। जी हां उत्तराखंड सरकार का लोक निर्माण विभाग यहां ऋषिकेश में बजरंग सेतु का निर्माण करा रहा है, जो लक्ष्मण झूला पुल का विकल्प बनेगा। ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल के विकल्प बजरंग सेतु का 62 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके पश्चात 132.30 मीटर लंबे इस पुल के कांच के फुटपाथ का काम शुरू होगा। जुलाई 2023 तक बजरंग सेतु बनकर तैयार हो जायेगा।

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प्रदेश के लोक निर्माण एवं पर्यटन महाराज ने ऐतिहासिक लक्ष्मणझूला पुल के निकट बन रहे बजरंग सेतु के औचक निरक्षण के दौरान कहा कि 69.20 करोड़ की लागत से बनने वाले बजरंग सेतु जिसके निर्माण की शुरूआत 5 जनवरी 2022 को हुई थी का 62 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके पश्चात 132.30 मीटर लंबे इस पुल के कांच के फुटपाथ का काम शुरू होगा और जुलाई 2023 तक “बजरंग सेतु” स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों के लिए बनकर तैयार हो जायेगा।

उन्होने कहा कि जर्जर हो चुके 92 साल पुराने लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा की दृष्टि से 16 अप्रैल 2022 को प्रशासन ने बंद कर दिया था जिससे गंगा के आर-पार आवागमन को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कत हो रही थी।महाराज ने कहा कि बजरंग सेतु इंजीनियरिंग का एक शानदार नमूना होने के साथ साथ नवीनतम तकनीक वाला उत्तर भारत का पहला कांच के फुटपाथ वाला पुल है। इस पुल पर पर्यटक जहां गंगा की लहरों को देख रोमांचित हो सकेंगे वहीं उन्हे इस सेतु के टावर में केदारनाथ धाम की आकृति भी देखने को मिलेगी।

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बताया जा रहा है कि  टावर की ऊंचाई करीब 27 मीटर होगी। कुल 133 मीटर लंबे और आठ मीटर चौड़ाई वाला यह पुल थ्री लेन का होगा। इस पुल के बीच में छोटे चौपहिया वाहन गुजर सकेंगे। पुल के बीच में ढाई-ढाई मीटर की डबल लेन दुपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए होगी। पुल के दोनों तरफ कांच का पैदल पथ बनेगा। इस पर खड़े होकर सैलानी 57 मीटर ऊंचाई से गंगा की बहती जलधारा का अद्भुत नजारा देख सकेंगे और इस पर चहलकदमी कर सकेंगे। इस कांच की मोटाई 65 मिमी होगी, जो बेहद मजबूत होता है।

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