Connect with us

स्वदेशी नस्ल के पशुधन के संरक्षण विषय पर सिल्वर स्कौच पुरस्कार

उत्तराखंड

स्वदेशी नस्ल के पशुधन के संरक्षण विषय पर सिल्वर स्कौच पुरस्कार

दिनांक 15 फरवरी 2025 को स्कौच समुह द्वारा इण्डिया हैबिटेट केन्द्र नई दिल्ली में 100 वें स्कौच सम्मेलन में उत्तराखण्ड पशुधन विकास परिषद, पशुपालन विभाग उत्तराखंड के द्वारा संचालित लिंग वर्गीकृत वीर्य उत्पादन के द्वारा स्वदेशी नस्ल के पशुधन के संरक्षण विषय पर कार्यरत परियोजना को सिल्वर स्कौच पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  मक्कूमठ में महिला सशक्तिकरण की नई कहानी, ग्रोथ सेंटर से बदली आजीविका

इस कार्यक्रम को बोर्ड द्वारा वर्ष 2018 में भारत वर्ष में राज्य स्तर पर सर्वप्रथम स्थापित किया गया। इस के कार्यान्वयन से नर पशुओं की संख्या में कमी आ रही है एवं लिंग वर्गीकृत वीर्य से 90% बछिया पैदा हो रही है।इससे स्वदेशी नस्ल के संरक्षण में मदद मिलेगी कृषकों की आय बढेगी दुग्ध उत्पादन में वृध्दि होगी।

यह भी पढ़ें 👉  अब तक 445 कैम्पों का आयोजन, 3.54 लाख से अधिक नागरिकों तक पहुँची सरकार

इस अवार्ड को डां घनश्याम दत्त जोशी, संयुक्त निदेशक, उत्तराखण्ड पशुधन विकास परिषद प्रशिक्षण केन्द्र पशुलोक ऋषिकेश द्वारा प्राप्त किया गया ।सिल्वर स्कॉच पुरस्कार प्राप्त होने पर सचिव पशुपालन डॉ पुरुषोत्तम, निदेशक डॉ नीरज सिंघल, अपर निदेशक डॉ भूपेन्द्र सिंह जंगपांगी, सीईओ डॉ.राकेश नेगी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ जोशी को बधाई दी।

यह भी पढ़ें 👉  भूकंप से पहले अलर्ट जारी करने में सक्षम है ‘भूदेव मोबाइल एप’
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ट्रेंडिंग खबरें

To Top