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उत्तराखंड साइबर ठगों की बना पहली पसंद, ऐसे हो रही ठगी, करें ये बचाव…

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उत्तराखंड साइबर ठगों की बना पहली पसंद, ऐसे हो रही ठगी, करें ये बचाव…

Uttarakhand News: उत्तराखंड साइबर ठगों की पहली पसंद बन गया है। साइबर ठग नए नए तरीकों से प्रदेश की भोली भाली जनता को ठग रहे है। ठगों ने अब लोगों को ठगने का नया तरीका निकाला है। जिससे वह लाखों की चपत लग रहे है। ये तरीका है यूट्यूब का। बताया जा रहा है कि वे लोगों को वाट्सअप मैसेज करके ऐसे झांसे देते हैं कि कई लोग इनके बहकावे में आकर लाखों रुपए गंवा बैठते हैं।प्रदेश के कई लोग भी इसके झांसे में आ गए है। ऐसे में लगातार शिकायतों के बाद एसटीएफ ने इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

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मिली जानकारी के अनुसार साइबर ठग पहले लोगों को यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब और लाइक करने पर प्रतिदिन चार हजार रूपए कमाने का लालच देकर झांसे में ले लेते हैं। इसके लिए व्हाट्सएप पर लिंक भेजते हैं। विदेशी नंबर से व्हाट्सएप नंबर एकाउंट बनाया जाता है। जिसके जरिए मैसेज भेजे जाते हैं। मैसेज में नौकरी का झांसा होता है।इसके बाद यूट्यूब वीडियो का लिंक भेजकर इसे लाइक करने ओर फिर इसका स्क्रीनशॉट भेजने को कहते हैं। इसके एवज में 150 रुपए देने की बात की जाती है।

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बताया जा रहा है कि इस पूरी प्रक्रिया में व्यक्ति का बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड लिया जाता है। इसके ​बाद लिंक को टेलीग्राम एप पर ले जाकर वीडियो को लाइक और सब्सक्राइव करने का टास्क देकर ठगा जा रहा है। ये गिरोह देशभर में लोगों को ठग रहा है। लोगों को ऐसे मामलों में सावधानी बरतने की अपील की गई है।

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बरते ये सावधानी

  1. किसी भी निवेश योजना की पेशकश करने वाले सोशल मीडिया पर किसी भी रेंडम नंबर को रिपोर्ट और ब्लॉक कर दें।
  2. किसी भी व्यक्ति के साथ अपने लेनदेन का इंटरनेट गतिविधि के स्क्रीनशॉट साझा न करें।
  3. प्रोजेक्ट मैनेजर, टीचर या ट्रेनर के साथ किसी भी निवेश घोटाले से सावधान रहें।
  4. इंटरनेट कॉल के आधार पर किसी भी योजना में निवेश न करें।
  5. हमेशा फिजिकल वेरिफिकेशन से कंपनी योजना का सत्यापन करें और अपराधियों की ओर से भेजे गए स्क्रीन शॉट पर भरोसा न करें।

 

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