Connect with us

उत्तराखंड में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की मुश्किल बढ़ी, की गई ये सिफारिश…

उत्तराखंड

उत्तराखंड में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की मुश्किल बढ़ी, की गई ये सिफारिश…

उत्तराखंड में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की मुश्किल बढ़ने वाली है। बताया जा रहा है कि कॉर्बेट नेशनल पार्क के तहत पाखरो टाइगर सफारी निर्माण के दौरान अवैध रूप से काटे गए पेड़ों और पार्क क्षेत्र में किए गए कंक्रीट के निर्माण के मामले में उनका नाम आया है। मामले में सुप्रीम कोर्ट की सेंटर इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी है। जिसमे हरक सिंह रावत का नाम आया है।

यह भी पढ़ें 👉  “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम हो रहा प्रभावी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीईसी ने पाया कि डॉ. हरक सिंह रावत ने मंत्री रहते हुए तत्कालीन डीएफओ किशन चंद को नियमों के विपरीत संरक्षण दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन निदेशक कॉर्बेट पार्क की ओर से तत्कालीन चीफ वाइल्ड वार्डन सहित अन्य उच्च अधिकारियों को कई बार इस मामले में पत्राचार किया गया, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन सहित अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं सीईसी ने हरक सिंह को नोटिस देकर उनका पक्ष सुनने के बाद कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

यह भी पढ़ें 👉  टिहरी: हर विकासखंड में आयोजित होगा रोजगार मेला, जानिए पूरी खबर

बताया जा रहा है कि मामले में सर्वेक्षण के बाद भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग (एफएसआई) अपनी रिपोर्ट में छह हजार से अधिक पेड़ काटे जाने की बात सामने आई है। जबकि किशन चंद इन दिनों जेल में है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाखरों मेें रेस्क्यू सेंटर को छोड़कर अन्य सभी निर्माण हटा दिए जाने चाहिए। इसके साथ बिजली के तारों और टाइगर सफारी के लिए किए गए अन्य निर्माणों को को भी ध्वस्त किए जाने की संस्तुति की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  स्व. साहित्यकार शैलेश मटियानी को “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान–2025”
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ट्रेंडिंग खबरें

To Top